इतिहास, मीरा की जुबानी:
आज मैं आप सभी के साथ एक ऐसी घटना साझा करना चाहती हूँ, जो इतिहास की किताबों में तो शायद कम ही मिले, लेकिन मेरे मन और मेरी भक्ति का एक अटूट हिस्सा है। आज की यह कहानी है मेवाड़ के वीर, महाराणा प्रताप और माँ मीरा की।
मेरा मानना है कि इतिहास केवल तारीखों का ब्योरा नहीं होता, बल्कि वह उस समय की आत्मा , बल्कि उन महापुरुषों की धड़कनें हैं, जिन्हें आज भी हम अपने भीतर महसूस कर सकते हैं।” Puri kahani padne k liye 👉 click kare